Be an idiot


क्या लोग आपको भी पागल/सनकी/जिद्दी बोलते है

क्या लोग आपको भी पागल/सनकी/जिद्दी बोलते है या बोलने लगे है। अगर ऐसा है तो यकीं मानिए आप सही राह पर है क्योंकि कुछ तो ऐसा है जो लोग नहीं देख पा  रहे है और आपको दिख रहा है। और चूँकि लोगो को नहीं दिख रहा है तो निश्चित ही आप उनके लिए इडियट से कम है, मगर आप सही राह पर है। उठा कर देख लीजिये इतिहास को जितने भी इडियट/पागल/सनकी हुए है इन्होने ही दुनिया को बदला है।


कुछ उदाहऱण 

जेम्स्वाट पागल का बच्चा चला था दुनिया को पटरियों पर दौड़ाने के लिए, दुनिया ने बोला अबे मूर्ख है क्या ? बुद्धि खराब हो गयी है क्या ? लेकिन लगा रहा अपने जमाने का पागल, अपनी ही   धुन में और दिखाया ट्रैन को पटरी पर दौड़कर।

राइट ब्रदर्स ये भी एक नंबर के सनकी थे पागल थे इडियट थे, कहते थे इंसान को हवा में उड़ाकर दिखाएंगे, लगे रहे अपनी धुन में,   कई बार चोट खाई, एक्सीडेंट भी हुए, लोगो ने बोला एक नंबर के पागल है दोनों, खुद भी मरेंगे और दूसरों को भी मारेंगे। लेकिन हुआ क्या आज हम बेखौफ हवा में कलाबाज़ियां लगाते हुए जाते है। आज  दुनिया शुक्रगुजार है इन पागलो की।

हेनरी फोर्ड, एडिशन, आइंस्टीन,  एलोन ट्यूरिंग, मार्क जुकरबर्ग, स्टीव जॉब्स और भी ना जाने कितने पागल सनकी हुए है.


पागल सनकी एलोन मस्क लगा है अपनी धुन में

ऐसा ही एक पागल सनकी एलोन मस्क लगा है अपनी धुन में।  कुछ साल पहले कहता था ऐसा राकेट वहीकल बनाऊंगा जो राकेट को स्पेस में छोड़ेगा और वापिस आ जायेगा, जब तीन बार असफल नहीं हुआ तो लोगो ने कहा कमाल का सनकी है यार, अपना सारा पैसा डुबो दिया, इतने में तो आराम से जिंदगी गुजार सकता था। लेकिन क्या हुआ चौथी बार में सफल हुआ और दुनिया की बड़ी स्पेस एजेंसी नासा ने उसके एफर्ट को सराहा।  अब इस पागल के बच्चे को नई सनक चढ़ी है, बोलता है जमीन से जमीन पर १००० km/घंटे से से भी ज़्यादा स्पीड से गाडी को दौडाऊंगा, कहता है इंसान को मंगल पर पहुंचाऊंगा।


जूनून की हद तक खुद को पहुँचाना होगा

दोस्तों यकीं मानिए ये लोग जो दुनिया को पागल लगते है सही में पागल होते है। क्योंकि पागलपन की धुन से कम में  बात नहीं बनेगी, जूनून की हद तक खुद को पहुँचाना होगा, तभी सफलता हाथ लगेगी। और वो सफलता ही क्या जो आसानी से मिल जाये।

अगर आपके घर में, रिश्तेदारी में, गांव  में, समाज में, चारो तरफ लोग आपको बोलते है कि भैया ये तो पागल हो गया है पता नहीं किस धुन में लगा रहता है, ना खाने का पता है ना सोने की सुध है, तो आप अपनी मंजिल तक पहुँचने का आधा रास्ता पार कर चुके है।


तब तक लगे रहिये जब तक लोग आपको पागल ना कहने लगे

वहीँ दूसरी तरफ अगर आप अपने जीवन का लक्ष्य तय नहीं कर पा रहें हैं तो कोई चिंता की बात नहीं, चैन से बेठिये और उन चीजों के बारे में सोचिये जो आपको उत्साहित करती हैं, अपने अन्दर उन्ही चीजों की धुन को बढाइये और यकीं मानिए आपको अपने जीवन का लक्ष्य मिल जायेगा। और तब तक लगे रहिये जब तक लोग आपको पागल ना कहने लगे।  

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